दफ़्तर में लैपटॉप पर कोड लिखते सॉफ़्टवेयर इंजीनियर, स्क्रीन पर कोड और ग्राफ़

टोकनमैक्सिंग क्या है, जिससे बचने को अमेजन ने इंजीनियरों को कहा?

टेक

क्या AI का ज्यादा इस्तेमाल करने से आप ज्यादा काम करने वाले दिखते हैं? अमेजन के मुताबिक नहीं। कंपनी ने अपने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों को 'टोकनमैक्सिंग' से बचने की सलाह दी है।

मेमो में क्या कहा गया है?

अमेजन ने सॉफ्टवेयर इंजीनियरों के लिए एक आंतरिक मेमो जारी किया। इसमें AI के इस्तेमाल के दिशानिर्देश हैं। रिपोर्ट्स के अनुसार यह मेमो सितंबर में अंदर बांटा गया। फिर मंगलवार, 27 अक्टूबर को इसे अमेजन की वेबसाइट पर डाला गया। सितंबर की सटीक तारीख अभी पता नहीं है।

टोकनमैक्सिंग क्या है?

AI मॉडल शब्दों या अक्षरों के छोटे टुकड़ों, यानी टोकन, से डेटा समझते और जवाब देते हैं। टोकनमैक्सिंग वह चलन है जिसमें कर्मचारी, ज्यादातर टेक उद्योग में, AI टूल का जितना हो सके उतना इस्तेमाल करते हैं।

बताया गया है कि इसमें डेवलपर बिना ठोस वजह भारी कोड लिखते हैं और ज्यादा टोकन खर्च करते हैं। मकसद परफॉर्मेंस रिपोर्ट सुधारना, लीडरबोर्ड में ऊपर चढ़ना या AI का भारी इस्तेमाल दिखाना होता है।

अमेजन ने यह सलाह क्यों दी?

मेमो के अनुसार कंपनी ने पाया कि उसके डेवलपर अपनी उत्पादकता दिखाने के लिए जरूरत से ज्यादा AI टूल इस्तेमाल करने लगे थे। अमेजन ने मई में एक आंतरिक लीडरबोर्ड बंद कर दिया। वजह यह थी कि कर्मचारी रैंकिंग चढ़ने के लिए टोकनमैक्सिंग कर रहे थे।

  • टोकन इस्तेमाल, AI टूल अपनाने की दर और कोड बदलाव या रिव्यू को अमेजन ने 'deeply flawed' तरीका बताया।
  • कंपनी ने कहा कि ऐसे मेट्रिक से खर्च और जटिलता बढ़ सकती है।
  • बेवजह AI इस्तेमाल से कोड में अनचाही जटिलता आती है, जिससे बाद में बग ढूंढना और ठीक करना मुश्किल होता है।
  • AI का मकसद काम आसान और कुशल बनाना है, बिना वजह डेटा खपत बढ़ाना नहीं।

क्या टोकन पर कोई सीमा है?

नहीं। अमेजन ने कर्मचारियों के टोकन इस्तेमाल पर कोई सीमा नहीं लगाई है। कंपनी ने स्टाफ से यह भी नहीं कहा कि वे AI मेट्रिक को पूरी तरह नजरअंदाज करें। उसके मुताबिक इन इनपुट मेट्रिक को सावधानी और समझ के साथ देखना ठीक है। कंपनी ने उन कामों में AI इस्तेमाल से भी मना किया है, जहां वह काम के लिए सही नहीं बैठता।

अमेजन किस चीज को सही पैमाना मानता है?

अमेजन ने कहा कि लंबे समय के नतीजों से मापना और मापा जाना सबसे बेहतर है। उसके मुताबिक, जो इंजीनियर बता सके कि AI उसके काम में कहां मदद नहीं करता, वह वही समझ दिखा रहा है जो कंपनी चाहती है। कंपनी ने यह भी कहा कि अगर काम को मौजूदा AI टूल से फायदा नहीं होता, तो यह एक निष्कर्ष है, कमी नहीं।

साथ ही अमेजन का कहना है कि AI सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग के केंद्र में रहेगा। उसके अनुसार असर की अभी शुरुआत ही दिख रही है। मेमो में AI के दौर में इंजीनियरों और मैनेजरों की भूमिका भी नए सिरे से बताई गई है।

बड़ी तस्वीर क्या है?

रिपोर्ट्स के अनुसार अमेजन टोकन खर्च घटाने की कोशिश करने वाली पहली बड़ी टेक कंपनी नहीं है। कुछ कंपनियों ने बढ़ते AI बिल धीमे करने के लिए टोकन सीमा तय की है। कुछ ने कुछ कामों के लिए सस्ते ओपन-सोर्स मॉडल अपनाए हैं। टोकन के दाम गिर रहे हैं, पर काम पूरा करने की लागत बढ़ रही है, क्योंकि AI कंपनियां फ्लैट सब्सक्रिप्शन से उपयोग-आधारित कीमत की ओर जा रही हैं।

सीईओ एंडी जेसी पहले कह चुके हैं कि AI रोजमर्रा के काम का स्कोप और रफ्तार बदल देगा। उन्होंने यह भी कहा कि ऑटोमेशन से अगले कुछ सालों में अमेजन का कॉर्पोरेट स्टाफ घट सकता है। हालांकि, दूसरी नौकरियां भी बनेंगी।

इस महीने की शुरुआत में अमेजन ने 1,000 से कम white-collar कर्मचारियों को हटाया। इनमें ज्यादातर रिटेल यूनिट के लोग थे। यह कदम 2025 में शुरू हुए बड़े दौर की कड़ी में है। वह दौर जनवरी तक चला और उसमें 30,000 छंटनी हुई थी।

आपके लिए क्या सीख है?

सार यह है कि AI का इस्तेमाल जरूरत के हिसाब से करें, दिखावे के लिए नहीं। कितने कर्मचारी टोकनमैक्सिंग करते पाए गए और अमेजन AI टोकन पर कितना खर्च करता है, यह अभी पता नहीं है।