आपने कृष्ण के जन्म की कथा कई बार सुनी होगी, पर क्या क्रम याद है? पौराणिक कथाओं के अनुसार कृष्ण का जन्म मथुरा के कारागार में देवकी और वासुदेव के घर हुआ।
कृष्ण का जन्म किसके घर हुआ?
इन कथाओं के अनुसार कृष्ण मथुरा में देवकी और उनके पति वासुदेव की संतान के रूप में जन्म लेते हैं। देवकी का भाई कंस एक अत्याचारी राजा है।
कंस को क्या भविष्यवाणी मिली?
पौराणिक कथाओं के अनुसार देवकी के विवाह में भविष्यवक्ताओं ने कंस को बताया कि देवकी की आठवीं संतान उसे मारेगी। कुछ ग्रंथों में यह बात आकाशवाणी, यानी दिव्य वाणी, के रूप में आती है।
इसके बाद कंस देवकी की हर संतान को जन्म लेते ही मारने का इंतजाम करता है।
कारागार में उस रात क्या हुआ?
- इन कथाओं के अनुसार कृष्ण के जन्म पर सभी पहरेदार चमत्कारिक ढंग से गहरी नींद में सो जाते हैं।
- कारागार का दरवाजा खुल जाता है।
- वासुदेव चुपचाप नवजात कृष्ण को यमुना पार ले जाते हैं।
- वहां वे कृष्ण को यशोदा की बेटी से बदल देते हैं।
कृष्ण को आगे गोकुल में नंद और यशोदा ने पाला, ताकि वे मामा कंस से बच सकें।
योगमाया की कथा क्या है?
कथा के अनुसार कंस जब नवजात कन्या को मारने की कोशिश करता है, तो बदली गई वह शिशु देवी योगमाया के रूप में प्रकट होती है। वह कंस को चेतावनी देती है और फिर अदृश्य हो जाती है। इन्हीं कथाओं में कृष्ण के भाई-बहन बलराम और सुभद्रा भी बच जाते हैं।
जन्मस्थान और जन्माष्टमी
कृष्ण का जन्मस्थान कृष्ण जन्मभूमि मंदिर से चिह्नित है। हिंदू हर साल कृष्ण जन्माष्टमी पर उनका जन्मदिन मनाते हैं।
हिंदू पंचांग के अनुसार कृष्ण का जन्म श्रावण या भाद्रपद माह के कृष्ण पक्ष की अष्टमी को मनाया जाता है। कृष्ण के जन्म का सटीक वर्ष और तारीख स्रोतों में तय नहीं है। केवल चंद्र तिथि बताई गई है।
जन्माष्टमी पर लोग व्रत रखते हैं, भजन गाते हैं, साथ प्रार्थना करते हैं, खास भोजन बनाकर बांटते हैं, रात्रि जागरण करते हैं और कृष्ण या विष्णु मंदिर जाते हैं। इस बार के मुहूर्त और चंद्रोदय का समय अभी पता नहीं है।
सार यह है कि जन्म की यह कथा पुराणों की परंपरा में कही जाती है। तिथि और पूजा का समय जानने के लिए अपने स्थानीय पंचांग से मिलान कर लें।

