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जल्लीकट्टू प्रदर्शन पर ओवैसी ने कहा- यह हिंदुत्ववादी ताकतों के लिए सीख

चेन्नई | शनिवार, 21 जनवरी 2017, 09:29 AM IST |
तमिलनाडु में जल्लीकट्टू पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ हो रहे विरोध-प्रदर्शन और हंगामे में ऑल इंडिया मजलिस-ए-एत्तिहाद के चीफ और सांसद असदुद्दीन ओवैसी भी कूद पड़े हैं। शुक्रवार को उन्होंने इस विवाद को यूनिफॉर्म सिविल कोड से जोड़ते हुए कहा कि इससे हिन्दूवादी ताकतों को सीख लेनी चाहिए।

 
ओवैसी ने ट्वीटर पर लिखा है कि किसी भी देश में एक ही तरह का कानून लागू नहीं किया जा सकता है क्योंकि वहां अलग-अलग संस्कृतियां हैं। उन्होंने ट्विटर पर लिखा, “यह हिन्दूवादी ताकतों के लिए एक सीख है। यूनिफॉर्म सिविल कोड इस देश पर नहीं थोपा जा सकता है, हमलोग एक ही संस्कृति को नहीं मान सकते।”
ओवैसी इससे पहले उन्होंने कहा था कि यूनिफॉर्म सिविल कोड देशहित में नहीं है।


गौरतलब है कि सर्वोच्च न्यायालय ने साल 2014 में बैलों को काबू करने के पारंपरिक खेल जलीकट् टू पर प्रतिबंध लगा दिया था इस प्रतिबंध को हटाने के लिए तमिलनाडु ने शीर्ष अदालत में एक याचिका दायर की थी, जिसे न्यायालय ने खारिज कर दिया इसके बाद से राज्य में हजारों लोग जलीकट्टू पर लगे प्रतिबंध के खिलाफ प्रदर्शन कर रहे हैं


तमिलनाडु में जलीकट्टू के समर्थन में जारी विरोध प्रदर्शन के बीच तमिलनाडु सरकार ने शुक्रवार 20 जनवरी को ऐलान किया कि इस बारे में एक-दो दिन में अध्यादेश लाया जाएगा इस बीच केंद्र सरकार ने भी सुप्रीम कोर्ट में एक अर्जी दाखिल कर कम से कम एक हफ्ते तक फैसला नहीं देने का अनुरोध किया है केंद्र ने कहा है कि धार्मिक भावनाओं को लेकर राज्य में प्रदर्शन हो रहे हैं और ऐसे में कानून-व्यवस्था को लेकर बड़ी समस्या खड़ी हो सकती है सुप्रीम कोर्ट केंद्र की अर्जी पर राजी हो गया है कि एक हफ्ते तक इस मामले में फैसला नहीं दिया जाएगा

 
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